
Ae Mere Watan Ke Logon Lata Mangeshkar
On this page, discover the full lyrics of the song "Ae Mere Watan Ke Logon" by Lata Mangeshkar. Lyrxo.com offers the most comprehensive and accurate lyrics, helping you connect with the music you love on a deeper level. Ideal for dedicated fans and anyone who appreciates quality music.

[Intro]
ऐ, मेरे वतन के लोगों, तुम ख़ूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का, लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने हैं प्राण गँवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो, कुछ याद उन्हें भी कर लो
जो लौट के घर ना आए, जो लौट के घर ना आए
[Chorus]
ऐ, मेरे वतन के लोगों, ज़रा आँख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो क़ुर्बानी
ऐ, मेरे वतन के लोगों, ज़रा आँख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो क़ुर्बानी
[Verse 1]
जब घायल हुआ हिमालय, ख़तरे में पड़ी आज़ादी
जब तक थी साँस, लड़े वो
जब तक थी साँस, लड़े वो, फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे धर कर माथा सो गए अमर बलिदानी
जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो क़ुर्बानी
[Verse 2]
जब देश में थी दीवाली, वो खेल रहे थे होली
जब हम बैठे थे घरों में
जब हम बैठे थे घरों में वो झेल रहे थे गोली
थे धन्य जवान वो अपने, थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो क़ुर्बानी
ऐ, मेरे वतन के लोगों, तुम ख़ूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का, लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने हैं प्राण गँवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो, कुछ याद उन्हें भी कर लो
जो लौट के घर ना आए, जो लौट के घर ना आए
[Chorus]
ऐ, मेरे वतन के लोगों, ज़रा आँख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो क़ुर्बानी
ऐ, मेरे वतन के लोगों, ज़रा आँख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो क़ुर्बानी
[Verse 1]
जब घायल हुआ हिमालय, ख़तरे में पड़ी आज़ादी
जब तक थी साँस, लड़े वो
जब तक थी साँस, लड़े वो, फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे धर कर माथा सो गए अमर बलिदानी
जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो क़ुर्बानी
[Verse 2]
जब देश में थी दीवाली, वो खेल रहे थे होली
जब हम बैठे थे घरों में
जब हम बैठे थे घरों में वो झेल रहे थे गोली
थे धन्य जवान वो अपने, थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो क़ुर्बानी
Comments (0)
The minimum comment length is 50 characters.