
Malang (Title Track) Ved Sharma
On this page, discover the full lyrics of the song "Malang (Title Track)" by Ved Sharma. Lyrxo.com offers the most comprehensive and accurate lyrics, helping you connect with the music you love on a deeper level. Ideal for dedicated fans and anyone who appreciates quality music.

[Verse 1]
क़ाफ़िरा तो चल दिया इस सफ़र के संग
क़ाफ़िरा तो चल दिया इस सफ़र के संग
मंज़िलें ना डोर कोई, लेके अपना रंग
[Chorus]
रहूँ मैं मलंग, मलंग, मलंग
रहूँ मैं मलंग, मलंग, मलंग
रहूँ मैं मलंग, मलंग, मलंग
मैं मलंग, हाय रे
[Verse 2]
मैं बैरागी सा जियूँ ये भटकता मन
मैं बैरागी सा जियूँ ये भटकता मन
अब कहाँ ले जाएगा ये आवारापन?
[Chorus]
रहूँ मैं मलंग, मलंग, मलंग
रहूँ मैं मलंग, मलंग, मलंग
रहूँ मैं मलंग, मलंग, मलंग
मैं मलंग, हाय रे
[Verse 3]
है नसीबों में सफ़र तो मैं कहीं भी क्यूँ रुकूँ? ओ
है नसीबों में सफ़र तो मैं कहीं भी क्यूँ रुकूँ?
छोड़ के आया किनारे, बह सकूँ जितना बहूँ
दिन गुज़रते ही रहे यूँ ही बेमौसम
रास्ते थम जाएँ, पर रुक ना पाएँ हम
क़ाफ़िरा तो चल दिया इस सफ़र के संग
क़ाफ़िरा तो चल दिया इस सफ़र के संग
मंज़िलें ना डोर कोई, लेके अपना रंग
[Chorus]
रहूँ मैं मलंग, मलंग, मलंग
रहूँ मैं मलंग, मलंग, मलंग
रहूँ मैं मलंग, मलंग, मलंग
मैं मलंग, हाय रे
[Verse 2]
मैं बैरागी सा जियूँ ये भटकता मन
मैं बैरागी सा जियूँ ये भटकता मन
अब कहाँ ले जाएगा ये आवारापन?
[Chorus]
रहूँ मैं मलंग, मलंग, मलंग
रहूँ मैं मलंग, मलंग, मलंग
रहूँ मैं मलंग, मलंग, मलंग
मैं मलंग, हाय रे
[Verse 3]
है नसीबों में सफ़र तो मैं कहीं भी क्यूँ रुकूँ? ओ
है नसीबों में सफ़र तो मैं कहीं भी क्यूँ रुकूँ?
छोड़ के आया किनारे, बह सकूँ जितना बहूँ
दिन गुज़रते ही रहे यूँ ही बेमौसम
रास्ते थम जाएँ, पर रुक ना पाएँ हम
Comments (0)
The minimum comment length is 50 characters.