
Ghar Se Nikalte Hi Amaal Mallik & Armaan Malik
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[Chorus]
घर से निकलते ही
कुछ दूर चलते ही
रस्ते में है उसका घर
पहली दफ़ा मैंने
जब उसको देखा था
सांसें गयी ये ठहर
[Verse 1]
रहती है दिल में मेरे
कैसे बताऊँ उसे
मैं तो नहीं कह सका
कोई बता दे उसे
[Chorus]
घर से निकलते ही
कुछ दूर चलते ही
रस्ते में है उसका घर
[Verse 2]
उसकी गली में है ढली
कितनी ही शामें मेरी
देखे कभी वो जो मुझे
खुश हूँ मैं इतने में ही
मैंने तरीके सौ आजमाए
जाके उसे ना कुछ बोल पाए
बैठे रहे हम रात भर
जो पास जाता हूँ
सब भूल जाता हूँ
मिलती है जब ये नज़र
घर से निकलते ही
कुछ दूर चलते ही
रस्ते में है उसका घर
पहली दफ़ा मैंने
जब उसको देखा था
सांसें गयी ये ठहर
[Verse 1]
रहती है दिल में मेरे
कैसे बताऊँ उसे
मैं तो नहीं कह सका
कोई बता दे उसे
[Chorus]
घर से निकलते ही
कुछ दूर चलते ही
रस्ते में है उसका घर
[Verse 2]
उसकी गली में है ढली
कितनी ही शामें मेरी
देखे कभी वो जो मुझे
खुश हूँ मैं इतने में ही
मैंने तरीके सौ आजमाए
जाके उसे ना कुछ बोल पाए
बैठे रहे हम रात भर
जो पास जाता हूँ
सब भूल जाता हूँ
मिलती है जब ये नज़र
"Ghar Se Nikalte Hi" by Amaal Mallik & Armaan Malik is a romantic ballad released in 2019. The song captures the bittersweet emotions of longing and nostalgia as one embarks on a journey, leaving loved ones behind. Its soothing melody and heartfelt lyrics evoke a sense of yearning. The song highlights themes of love, separation, and hope. #RomanticBallad
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