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Phool Bhare Hain - Jagjit Singh
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Phool Bhare Hain Jagjit Singh

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Phool Bhare Hain - Jagjit Singh
फूल भरे हैं दामन-दामन
फूल भरे हैं दामन-दामन
लेकिन वीरा गुलशन-गुलशन
फूल भरे हैं दामन-दामन

अक्ल की बातें करने वाले
अक्ल की बातें करने वाले
क्या समझेंगे दिल की धड़कन
क्या समझेंगे दिल की धड़कन

कौन किसी के दुख का साथी
कौन किसी के दुख का साथी
अपने आँसू, अपना दामन
अपने आँसू, अपना दामन

लेकिन वीरा गुलशन-गुलशन
फूल भरे हैं दामन-दामन

तेरा दामन छोड़ूँ कैसे?
तेरा दामन छोड़ूँ कैसे?
मेरी दुनिया तेरा दामन
मेरी दुनिया तेरा दामन

लेकिन वीरा गुलशन-गुलशन
फूल भरे हैं दामन-दामन
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