
WARCRY King & Raftaar
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[King & Raftaar "WARCRY" के बोल]
[Intro: King]
King
[Pre-Chorus: King]
वो गलियों से निकल के राजा बना
वो घर से ठान के गया था करूंगा मैं कुछ तो बड़ा
दुनिया वाले टोकते रहे, वो सुनता अब किसी की है कहाँ (You know, fuck this shit)
[Chorus: King]
मैं सच कहूंगा तो कड़वी लगेगी
पैसा जो नाचेगा हाथों पे दुनिया बस तेरी सुनेगी
ये सच कि तू भी मरेगा और वो भी मरेगी
जो सब ही रह जाना यहाँ पे, शांति किससे मिलेगी?
अब बता तू बुल्लेया, मैंने कितने पाप किए
हिसाब ही नहीं, मैंने कितने साफ किए
गरीबी में जिया और कितने साल दिए
अब पूछोगे मुझसे के क्या है सही और क्या है गलत but honestly, don't give a—
[Verse 1: King]
आँखें खुली मेरी दुनिया में तबसे लड़ा इस दुनिया से
शायद कोई राजा ना होता जो दब के जिया होता लालच की दुनिया में
ये वैसे तो नाम ही है पर करना चाहता ऐसा कुछ इस दुनिया में
के फिर से ना सोचे कोई छोटे घर के ना बन सकते देश की बुनियादें (बुनियादें)
मैं क्या करूँ जो ख्वाबों को राजा ने मारना सीखा नहीं है (सीखा नहीं है)
अंदर में मेरे एक डर है जो अभी भी दुनिया को दिखा नहीं है (दिखा नहीं है)
मैं कुछ इस हिसाब से लिखता हूँ ज़िन्दगी और मेरे बीच की ये बातें
इसमें है सब कुछ लिखा पर हारना कभी भी लिखा नहीं है (लिखा नहीं है)
[Intro: King]
King
[Pre-Chorus: King]
वो गलियों से निकल के राजा बना
वो घर से ठान के गया था करूंगा मैं कुछ तो बड़ा
दुनिया वाले टोकते रहे, वो सुनता अब किसी की है कहाँ (You know, fuck this shit)
[Chorus: King]
मैं सच कहूंगा तो कड़वी लगेगी
पैसा जो नाचेगा हाथों पे दुनिया बस तेरी सुनेगी
ये सच कि तू भी मरेगा और वो भी मरेगी
जो सब ही रह जाना यहाँ पे, शांति किससे मिलेगी?
अब बता तू बुल्लेया, मैंने कितने पाप किए
हिसाब ही नहीं, मैंने कितने साफ किए
गरीबी में जिया और कितने साल दिए
अब पूछोगे मुझसे के क्या है सही और क्या है गलत but honestly, don't give a—
[Verse 1: King]
आँखें खुली मेरी दुनिया में तबसे लड़ा इस दुनिया से
शायद कोई राजा ना होता जो दब के जिया होता लालच की दुनिया में
ये वैसे तो नाम ही है पर करना चाहता ऐसा कुछ इस दुनिया में
के फिर से ना सोचे कोई छोटे घर के ना बन सकते देश की बुनियादें (बुनियादें)
मैं क्या करूँ जो ख्वाबों को राजा ने मारना सीखा नहीं है (सीखा नहीं है)
अंदर में मेरे एक डर है जो अभी भी दुनिया को दिखा नहीं है (दिखा नहीं है)
मैं कुछ इस हिसाब से लिखता हूँ ज़िन्दगी और मेरे बीच की ये बातें
इसमें है सब कुछ लिखा पर हारना कभी भी लिखा नहीं है (लिखा नहीं है)
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